Aadhaar and its detailed Introduction

Aadhaar and its detailed Introduction

Get Aadhaar – Unique Identification Authority of India

आधार कार्ड के बारे में भारत में कौन नहीं जानता है | जिसे देखो, लगभर भारत के हर नागरिक के पास आधार कार्ड मिल जाएगा | भारत सरकार ने एक पहचान करने वाला सिस्टम अपनाया है जिसे आम तौर पर आधार या Unique Identification Number (UID) भी कहा जाता है | ऐसा नहीं है की ये यूनीक आइडेंटिफिकेशन सिस्टम सिर्फ हमारे देश में ही लोकप्रिय है बल्कि ठीक इसके विपरीत ये Unique Identification Number कई देशों में लोकप्रिय है क्योंकि यह  न सिर्फ लोगों को मूल सुविधाएँ मुहैया करवाता  है बल्कि देश की सुरक्षा बढ़ाने में भी मदद करता है। भारत ने भी देश में हो रहे विकास के प्रयासों में और तेज़ी लाने के लिए इस तरीके को अपना लिया है और इसलिए भारत में भी आधार कार्ड ज़रूरी कर दिया गया है।

जहाँ भारत में इसे आधार कार्ड बोला जाता है और भारत के इस आधार कार्ड का नंबर बारह अंकों का होता है ठीक वैसे ही इसके विपरीत संयुक्त राज्य अमेरिका में इसे सोशल सिक्योरिटी नंबर (Social Security Number) बोला जाता है। और यह Social Security Number का यूनीक कोड नौ अंकों का एक नंबर होता है जो संयुक्त राज्य अमेरिका के स्थायी नागरिकों के साथ-साथ अस्थायी नागरिकों जो वहाँ काम करने के लिए रह रहें हैं दोनों के लिए जारी किया जाता है।

अब आपके मन में एक प्रश्न उभर रहा होगा की आखिर सरकार के इस सिस्टम को चलता कौन है? तो चलिए मई ये बात भी आपको बता दूँ कि भारत सरकार ने एक एजेंसी जिसका नाम यूनीक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया (भारतीय विशिष्‍ट पहचान प्राधिकरण) (UIDAI) है, की स्थापना जनवरी 2009 में की थी जो कि  केंद्र सरकार के तहत काम करती है। और इसे आधार कार्ड को शुरू करने और जारी करने के लिए बनाया गया था।

what is aadhar card
Aadhaar and its detailed Introduction

भारत की यूनीक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया (UIDAI) का मक़सद भारत के हर निवासी की बायोमेट्रिक (उँगलियों के निशान और आँखों की पुतलियों की पहचन) के साथ-साथ डेमोग्राफिक (नाम, पता, जन्म-तिथि, फोटोग्राफ आदि) जानकारी इकट्ठा करना है। और डेटा इकट्ठा होने के बाद उसे केंद्रित डेटाबेस सिस्टम में जमा किया जाता है जिसे UID डेटाबेस कहते हैं। भारत की यूनीक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी का मुख्य डेटा सेंटर हरियाणा के मानेसर में इंडस्ट्रियल  मॉडल टाउनशिप (IMT) में स्थित है जहाँ पर  आधार का डेटा स्टोरेज किया जाता है। इसके बाद UIDAI 12 अंकों का यूनीक आइडेंटिफिकेशन नंबर या यूआईडी(UID) भारत में रहने वाले लोगों को जारी करता है, जिसे भारत में आधार कार्ड भी कहा जाता है। यह  प्रोजेक्ट पूरी दुनिया में सबसे बड़ा राष्ट्रीय पहचान नंबर योजना होने का दावा करता है।

आइए अब हम आधार कार्ड की सेवाओं के बारे में जानते हैं

  • आप UIDAI मेंबर पोर्टल से आधार कार्ड ऑनलाइन डाउनलोड कर सकते हैं
  • एनरोलमेंट (आधार के लिए आवेदन करने के बाद प्राप्त रसीद) के बाद आपका आधार तैयार हुआ है या नहीं, यह आप आधार स्टेटस में देख सकते हैं |
  • अपने नजदीकी आधार एनरोलमेंट सेन्टर पर आप अपनी जानकारी अपडेट कर सकते हैं |
  • अगर किसी वजह से आपका अपना आधार/ एनरोलमेंट नंबर खो गया है तो आपका खोया हुआ UID/ EID आसानी से आपको UIDAI के पोर्टल पर ऑनलाइन होकर दोबारा मिल सकता है |
  • अगर आधार कार्ड बनवाते समय आपका पता गलत लिखा गया हो, तो आप अपना पता UIDAI के पोर्टल पर जाकर बिना किसी शुल्क के ऑनलाइन अपडेट कर सकते हैं |
  • जिस किसी का भी आधार कार्ड बना हुआ है वो ऑनलाइन या एम्आधार (mAadhaar) ऐप की मदद से आधार बॉयोमीट्रिक्स को लॉक और अनलॉक कर सकता है |
  • अगर आपका बैंक अकाउंट आधार से लिंक है तो आप बैंक अकाउंट के लिंक होने का स्टेटस ऑनलाइन भी चेक कर सकते हैं |
  • अपने आधार को और भी सुरक्षित करने के लिए आप आधार नंबर की मदद से अपना आधार वर्चुअल आईडी बना सकते हैं या दोबारा पा सकते हैं।

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